Bhopal
भोपाल। रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन
'’आत्मसंवर्धन एवं क्षमता विकास’’ कार्यशालाओं के 10 बैच का प्रभावी सम्पादन उपरांत संयुक्त सम्मेलन का आयोजन:
भोपाल। रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन
भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा प्रांरभ की गई नई परेड के अंतर्गत ’’आत्मसंवर्धन एवं क्षमता विकास’’ कार्यशालाओं के 10 बैच का प्रभावी रूप से सम्पादन होने के उपरांत 10वें बैच का सामुदायिक भवन पुलिस लाईन नेहरु नगर में आज दिनांक 12 जुलाई को एक संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया गया। इस उप्लक्ष्य में आत्म उत्थान तथा सत्कार इस विषय पर एक विचार संघोष्ठि आयोजित की गई। ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्विद्यालय की ओर से वरिष्ठ राजयोग व्याख्याता रामप्रकाश सिंघल तथा ब्रम्हकुमारी हेमाजी ने अपना उदबोधन इस अवसर पर प्रदान किया। अपने उदबोधन में रामप्रकाश सिंघल द्वारा 09/11 की घटना में टेरिस अटैक के दौरान उनके द्वारा किस प्रकार से ट्विंट टाॅवर में घटना के दौरान मौजूदगी से बच निकलने की जीवनदायनी परिस्थिति थी। इस संदर्भ में बताया कि किस प्रकार से जीवन में सदकार्यो का महत्व है एवं विषम परिस्थितियों में भी सदकार्य करने से किस प्रकार आत्म-उत्थान होता है। उन्होने इस अवसर पर बताया कि पुलिसकर्मी लगातार ही सदकार्य करते है और पूर्णतः निःश्वार्थ होकर अपने कर्तव्यों को अंजाम देते है। इसी भावना के कारण ही पुलिस कर्मचारी अपना कार्य पूरी लगन एवं निष्ठा से करते है। इसका कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ वे अपने नाम को बढ़ाने के लिये व किसी अन्य स्वाथ्र्य के लिये न करते हुए अच्छे कार्य में ही खुशी ढूंढने की भावनाओं को ही विकसित करते है। उन्होने बताया कि किस प्रकार से यदि अच्छा कार्य कोई व्यक्ति करता है तो उसके कार्य का प्रतिबिम्ब भी दूसरे व्यक्ति पर भी पड़ता है और दूसरे व्यक्ति भी अच्छे कार्य करने को प्रेरित होते है और इस प्रकार से एक श्रंख्ला विकसित होती है। धीरे-धीरे एक व्यक्ति द्वारा किया गया अच्छा कार्य दूसरे व्यक्ति को प्रेरित करेगा, तो इस प्रकार पूरे समाज में हर व्यक्ति अच्छे कार्य करने के लिये प्रेरित होगा।
उन्होने विशेष रूप से पुलिसकर्मियों की तारीफ करते हुए कहा, कि वे किस प्रकार से जन सेवा के कार्य में अपनी जान की परवाह किये बगैर और अपने सुख सुविधा की परवाह किये बगैर लोगों को सुरक्षा, शांति एवं सभी तरह के भयों से मुक्त करने करने का प्रयास करते है एवं ये सब प्रदान करने में अपनी नैतिक भूमिका निभाते है। कार्यक्रम में हेमाजी ने मेडिटेशन का महत्व बताते हुए शांति कायम रखने के लिये अपनी आत्मिक शांति के लिये किस प्रकार मेेडिटेशन प्रतिदिन करना आवश्यक है, इस पर भी बल दिया। उल्लेखनीय है कि पुलिसकर्मिर्यो के शारीरित एवं मानसिक व बौध्दिक विकास हेतु भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आत्मसंवर्धन तथा क्षमता विकास कार्यशाला का लगातार आयोजन किया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त मकरंद देउस्कर द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि आत्मसंवर्धन तथा क्षमता विकास कार्यशाला में ’’फीजिकल फिटनेस, लाईफस्टाईल के चेंज और इमोषनल वेलनेस’’ इन विषयों पर सभी पुलिसकर्मियों को प्रेरित किया गया तथा इस संबोधन के बाद जो आज 10वें बैच की समाप्ती के उपरांत आज की संघोष्ठि में पुलिसकर्मियों को अध्यात्मिक रूप से सदकार्यों के प्रति पे्ररित करने के लिये भी एक प्रेरणादायी कार्यशाला आज भी आयोजित की गई है। निश्चित रूप से पुलिसकर्मियों के जीवन में इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है और इसका सीधा प्रभाव उनकी सेवाप्रदाता, सेवा देने की जो भावना है, उसमें भी विकास होगा। इस पर भी उन्होने सभी आयोजन कर्ताओं को बधाई व शुभकामनायें दी।
कार्यक्रम में लगभग 200 पुलिसकर्मियों ने भाग लिया, साथ ही कमिश्नर कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं लाईन के अधिकारियों तथा जिले के थाना प्रभारियों व विभिन्न पदों पर पदस्थ अधिकारियों ने भाग लिया।
07/14/2022 07:36 AM


















