Delhi
नई दिल्ली में हज़रत अली की याद में आयोजन, मोहम्मद फुरकान ने दिया अमन का संदेश:
नई दिल्ली –
नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के ऑडिटोरियम में आज रविवार की रात्रि हज़रत अली डे के अवसर पर एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने मुस्लिम बुद्धिजीवियों, सामाजिक चिंतकों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दानिश्वर लोगों की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्देश्य इस्लाम के चौथे खलीफा और पैग़म्बर मोहम्मद साहब के दामाद हज़रत अली (अ.स.) की शिक्षाओं, उनके जीवन मूल्यों और मानवता के प्रति उनके योगदान को याद करना था। पूरे ऑडिटोरियम में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जहाँ हज़रत अली की न्यायप्रियता, साहस, ज्ञान और इंसानियत पर आधारित विचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर पूर्व महापौर अलीगढ़ एवं इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के उपाध्यक्ष मोहम्मद फुरकान विशेष रूप से मौजूद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने हज़रत अली के जीवन को आज के दौर के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि हज़रत अली ने हमेशा सत्य, न्याय और बराबरी की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि हज़रत अली की शिक्षाएं न सिर्फ मुस्लिम समाज बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मोहम्मद फुरकान ने इस मौके पर तमाम आलम को हज़रत अली डे की बधाई देते हुए आपसी भाईचारे, अमन और इंसाफ का पैग़ाम दिया।
मोहम्मद फुरकान ने अपने संबोधन में उन्होंने हज़रत अली के व्यक्तित्व को इतिहास का एक उज्ज्वल अध्याय बताते हुए कहा कि उनका जीवन ज्ञान, विवेक और नैतिक साहस का प्रतीक है। मोहम्मद फुरकान ने कहा कि आज के समय में जब समाज कई चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में हज़रत अली की शिक्षाएं हमें सही दिशा दिखाने का काम कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर हमेशा से संवाद, संस्कृति और सौहार्द को बढ़ावा देने का मंच रहा है और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने हज़रत अली के कथनों और उनके ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी न्याय और नैतिकता से कभी समझौता नहीं किया। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे हज़रत अली के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
ऑडिटोरियम में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के अध्यक्ष एवं देश के पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद मौजूद रहे, कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना और अंत में सामूहिक दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आयोजन के दौरान शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।
कुल मिलाकर, नई दिल्ली में आयोजित यह हज़रत अली डे कार्यक्रम न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, इंसानियत और न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।
01/11/2026 07:24 PM


















