Aligarh
अलीगढ़ में करोड़ों की नगर निगम जमीन पर कब्जा कांड, पूर्व नगर आयुक्त समेत कई पर मुकदमा दर्ज:
अलीगढ़ में नगर निगम की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। पूर्व नगर आयुक्त और संपत्ति अधिकारी समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और भूमि प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोप है कि नगर निगम की कीमती भूमि को भूमाफिया के साथ मिलीभगत कर बेचने का खेल रचा गया। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों ने कोर्ट में समझौता कर नगर निगम के पक्ष को कमजोर किया और इसके बाद जमीन को भूमाफिया के पक्ष में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कथित समझौते के जरिए करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति निजी हाथों में पहुंचा दी गई।
इस मामले में पूर्व नगर आयुक्त डॉ. नंदकिशोर और संपत्ति अधिकारी गय्यूर अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नगर निगम की भूमि के साथ अनियमितता और फर्जीवाड़ा किया। साथ ही, सार्वजनिक हित की जमीन को निजी पक्षों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रभावित किया गया।
बताया जा रहा है कि संपत्ति प्रभारी वीर सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में विस्तृत रूप से आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भूमाफिया के साथ मिलीभगत कर नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
यह मुकदमा अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन में दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नगर निगम की भूमि के साथ इस प्रकार की हेराफेरी हुई है तो यह जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।
थाना – सिविल लाइन, में क्या लिखा मुकद्दमा
प्रार्थना पत्र में लिखा है कि "अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश सीमांतर्गत वर्ष 1946–1947 में ग्राम कचरा कोले में कुल 09 ट्रस्टिंग ग्राउंड हेतु गाटा नं–2328, 2329, 2342, 3280, 3281, 3315, 109, 110 व 190 का कुल क्षेत्रफल 31 बीघा 13 बिस्वा भूमि का अर्जन निकाय के माध्यम से किया गया था। एतदर्थ गजट–ए–यू.पी. का नोटिफिकेशन दिनांक 17.02.1946 एवं गजट–ई–यू.पी. का नोटिफिकेशन दिनांक 23.09.1946 को हुआ। तदनुसार भूमि 1949 में सर्वाधिकृत भूमि घोषित हुई।
उपरोक्त ट्रस्टिंग ग्राउंड की भूमि पर राजस्व अभिलेख में अमलदराज हटाया गया तथा दिनांक 30.09.2004 को औद्योगिक विभाग द्वारा उक्त भूमि का वाद संख्या–335/1991 वाद शीर्षक–नगर निगम बनाम श्रीमान के संबंध में माननीय न्यायालय, सिविल जज (जू०), अलीगढ़ में दायर किया गया। वाद संख्या–H–0562/1991 आम प्रकाश शर्मा आदि बनाम नगर निगम में दर्ज हुआ। जिसमें दिनांक 30.05.1992 को माननीय न्यायालय द्वारा पारित किया गया तथा नगर निगम द्वारा स्थान आदेश दिनांक 30.05.1992 वाद माननीय न्यायालय, जिला जज, अलीगढ़ में अपील दायर की गई।
दिनांक 30.10.1992 के प्रकरण में वाद संख्या–H–0562/1991 की अपील माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 27.05.2000 को नगर निगम के पक्ष में निर्णय किया गया। उपरांत दिनांक 27.05.2000 के विरुद्ध अपील संख्या 88/2000 माननीय न्यायालय में दायर की गई, जिसमें नगर निगम का अपील प्रार्थना पत्र निरस्त किया गया। तत्पश्चात दिनांक 02.04.2002 को श्रीमान हस्ताक्षर कर माननीय न्यायालय में उपस्थित होकर अपना हस्ताक्षर किया गया।
उक्त गाटा नं–3315 की भूमि संबंधित विषय में आम प्रकाश शर्मा एवं सह अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। गाटा नं–3315 के 20 फीट के रास्ता नगर निगम के पूर्व में छोड़ा जाता रहा है और उसी भूमि गाटा नं–3280 में आम प्रकाश शर्मा द्वारा मिलीभगत कर कब्जा किया गया। दिनांक 02.04.2002 के उपरांत आम प्रकाश शर्मा द्वारा मुत्सद्दी महेश पुत्र श्री गाटा नं–3315 पर कुल क्षेत्रफल 01 बीघा 03 बिस्वा भूमि पर कब्जा किया गया।
इसके उपरांत नगर निगम द्वारा पुनः न्यायालय में प्रस्तुत होकर प्रकरण संज्ञान में लाया गया। दिनांक 02.04.2002 के प्रकरण में आम प्रकाश शर्मा द्वारा माननीय न्यायालय, सिविल जज (जू०), अलीगढ़ के समक्ष वाद संख्या–17/2004 में पुनः प्रार्थना पत्र दायर कर दिया गया, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
अवगत कराना है कि डॉ राज किशोर वर्ष 2002 में नगर निगम, अलीगढ़ में मुख्य नगर अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्होंने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए नगर निगम की उक्त भूमि के संबंध में गलत तथ्य प्रस्तुत किए। श्री आम प्रकाश शर्मा एवं सह अभियुक्तों द्वारा गाटा नं–3315 क्षेत्रफल 01 बीघा 03 बिस्वा भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जो नगर निगम की संपत्ति है।
अतः आपसे अनुरोध है कि उपर्युक्त नगर निगम की सार्वजनिक हित की सरकारी भूमि को मुक्त कराने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु आवश्यक धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें।
02/19/2026 05:33 AM


















