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अलीगढ़ में AMU ओल्ड बॉयज एसोसिएशन ने मनाया ईद मिलादुन्नबी, नात और दुआओं से गूंजा ओल्ड बॉयज लॉज:
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्ड बॉयज लॉज में गुरुवार शाम ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर एक विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड बॉयज एसोसिएशन की ओर से किया गया। कार्यक्रम में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ﷺ की जिंदगी, उनकी शिक्षाओं और उनके बताए इंसानियत, भाईचारे और अमन के संदेश को याद किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन 27 अगस्त 2026, गुरुवार शाम 7:30 बजे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्ड बॉयज लॉज में किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक वक्ता के रूप में हजरत मौलाना अब्दुल अलीम कादरी मजीदी अजहरी, मदरसा आलिया कादरिया, बदायूं को आमंत्रित किया गया था।
ईद मिलादुन्नबी के इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जीवन और उनकी शिक्षाओं को याद करना तथा उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम के दौरान नात, दुआ और धार्मिक विचारों के माध्यम से उपस्थित लोगों को पैगंबर-ए-इस्लाम की सीरत और उनके आदर्शों से रूबरू कराया गया।
कार्यक्रम में वक्ता ने पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उनके संदेशों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने इंसान को आपसी मोहब्बत, भाईचारे, सद्भाव, जरूरतमंदों की मदद और समाज में शांति कायम रखने की दिशा में काम करने का संदेश दिया।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें समाज में सकारात्मक सोच और आपसी एकता को मजबूत करने का संदेश भी सामने आया। कार्यक्रम के दौरान नात और दुआओं का दौर चला और पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की शिक्षाओं को याद करते हुए देश और समाज में अमन-चैन की दुआ की गई।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में ईद मिलादुन्नबी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा पुरानी रही है। विश्वविद्यालय में सीरत और पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जीवन एवं शिक्षाओं से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक एवं साहित्यिक गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं।
वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओल्ड बॉयज एसोसिएशन विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है। एसोसिएशन की गतिविधियों में सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी जोर दिया जाता है। एसोसिएशन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सामाजिक परियोजनाओं, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों तथा विश्वविद्यालय और उसके छात्र समुदाय की सहायता को उसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल बताया गया है।
ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. आजम मीर खान, जनरल सेक्रेटरी, काशिफ तारिक, कोऑर्डिनेटर और रेहान अहमद, कोऑर्डिनेटर की भूमिका रही। कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से लोगों को इस विशेष आध्यात्मिक संध्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक नजर आया। नातों और दुआओं के बीच पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की सीरत को याद किया गया और उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की गई।
आयोजकों ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी केवल जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जीवन, उनके चरित्र और उनकी शिक्षाओं को समझने और उन पर अमल करने का भी अवसर है। उनके अनुसार, पैगंबर की शिक्षाएं समाज में प्रेम, दया, न्याय, इंसानियत और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक दुआ की गई, जिसमें देश-दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। साथ ही लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और समाज में सकारात्मक माहौल कायम करने की अपील की गई।
इस तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्ड बॉयज लॉज में आयोजित ईद मिलादुन्नबी का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सीरत-ए-पाक और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हुए संपन्न हुआ। कार्यक्रम के जरिए पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम दिया गया।
08/27/2026 06:08 PM


















