UttarPradesh
संभल हिंसा केस: सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द की, यूपी सरकार पर ₹10 लाख जुर्माना:
सम्भल। सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज की एहतियाती हिरासत को आज (29 सिंतबर 2026) को रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को भी पलट दिया जिसमें संभल हिंसा के मास्टरमाइंड होने के आरोपी मुल्ला अफरोज की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 के तहत की गई प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश को सही ठहराया गया था।
कबूलनामे के आधार पर हिरासत का आदेश नहीं दे सकते
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अफरोज द्वारा पुलिस कस्टडी में कथित तौर पर किए गए कबूलनामे के आधार पर एहतियाती हिरासत का आदेश नहीं दे सकती थी। गैर-कानूनी प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश जारी करने के लिए सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आदेश सुनाते हुए जस्टिस दत्ता ने अपने लॉ क्लर्क को श्रद्धांजलि दी, जिनका 27वें जन्मदिन से पहले ही निधन हो गया था। जस्टिस दत्ता ने यह फैसला उन्हें समर्पित किया। 8 सितंबर को आदेश सुरक्षित रखते हुए बेंच ने कस्टडी में दिए गए कथित कबूलनामे की प्रासंगिकता और महत्व पर सवाल उठाए थे और पूछा था कि क्या ऐसा कबूलनामा एहतियाती हिरासत का आदेश जारी करने के लिए जरूरी व्यक्तिगत संतुष्टि का आधार बन सकता है।
09/29/2026 07:24 PM